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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

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हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

जग नश्वर है

जग नश्वर है

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क्या लाया था साथ में , क्या तू लेकर जाय । 

देह तलक संग ना चले, फिर क्यों रहा ठगाय ।। 

धन दौलत हीरे मोती , कुछ भी साथ ना जाय ।

ताकत, सुंदरता सभी कुछ, यहीं धरी रह जाय ।। 

झूठे नाते रिश्ते हैं , सब मतलब के यार ।

स्वारथ है तो अपने हैं, वरना सब बेकार ।।

प्रेम कभी मरता नहीं , सच्ची बात ये जान ।

प्रेम में ही ईश्वर बसें, बात "हरि" की मान ।।

झूठा जग झूठा चलन, झूठा सब व्यापार । 

झूठे वादे झूठी कसम, झूठा प्यार दुलार ।।

दो दिन की है जिंदगी, कह गये ज्ञानी लोग ।

किसपे गुमां इतना करे, काहे लगाये रोग ।। 

दिल से दिल जब मिल गये, स्वर्ग सों आनंद आय ।

प्रेमी में दीखै खुदा , प्रेम में दुनिया समाय ।। 


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