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Krishna singh Rajput sanawad

Abstract

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Krishna singh Rajput sanawad

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जानते हैं

जानते हैं

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जानते है बेवफा हे तू

फिर भी तुझे प्यार कर रहे हैं


दिल को पता है झूठी है तू

फिर भी तेरे वादों पर एतबार कर रहे हैं


तुझे परवाह ही नहीं हमारी

हम खुदा से मिन्नतें हजार कर रहे हैं


जानते है फिर भी तुझे प्यार कर रहे हैं

अरे कौन आ गया जिंदगी में यह शख्स नया


तेरी मिलकर जो यह बातें

हजार कर रहे हैं जानते हैं तुझसे प्यार कर रहे हैं।


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