इश्क
इश्क
इश्क करने की कोई उम्र नहीं होती
रूह से रूह के मिल जाने की कोई तारीख नहीं होती
बचपन की पाक नजर का इश्क
जवानी के अल्हड़पन मे हुआ इश्क
ढलती उम्र की परिपक्वता वाला इश्क
बुढ़ापे के अनुभवी जीवन में हुआ इश्क
उम्र के हर पड़ाव पर सच्चे इश्क़ का सुकून एक सा होता है
दिल पर उसकी अमिट छाप का एहसास हर वक्त होता है
किसी की अदाओं से
किसी की शरारतों से
किसी की नजरों से तो
किसी की रूह से
किसी की सादगी से
पता नही इश्क कब कहां कैसे होता है
पर सभी दीवानों का हाल एक जैसा होता है
चाहे मुकम्मल हुआ हो
या मुकम्मल ना हुआ
चाहे कह दिया हो
या फिर अनकहा हो
दिल की गहराइयों में वो हमेशा साथ होता है
पूरी कायनात में वो ही सबसे खूबसूरत जज़्बात होता है।

