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Nishigandha Paralkar

Romance

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Nishigandha Paralkar

Romance

इश्क

इश्क

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यूँ बेकरारी भी अच्छी होती है...

खुद में ही सुकून उसका मिलता है...

यूं ही मुझको तुझ में पाना

और यादों में खो जाना....

फिर से वो लम्हे जीना

अच्छा लगता है खुद को भूलना



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