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Neha Gupta

Inspirational

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Neha Gupta

Inspirational

हताश

हताश

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खुद से न हो हताश तू, खुद से न हो निराश हो,

सामना कर दुनिया का तू,चाहे हो जाए तुझ पे थू।

तू जैसा भी है बखूबी है, तराज़ू में न तोल तू,

तुझे तराशा है भगवान ने, अपनी आँखें खोल तू।

तुझ सा न कोई दूसरा, अपनी खामियां भूल तू,

ना अपनी माँ की कोख लजा, अपने पिता का कर्ज चुका,

जो सृष्टि का रचियता है बस उसके सामने शीश नवा।।



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