Hardik Mahajan Hardik
Inspirational
हर वह बात जो
तुमने मुझसे प्रेम में
की थी हां मुझे वह
सब आज भी याद है
तुमसे मुझे करनी
फरियाद है क्योंकि
तुम्हारा जीवन और
तू आबाद है
और मेरा जीवन
बर्बाद है
मुझे तुम्हारे
प्रेम में कहीं हर वो
बात याद है।
इस जाते हुए न...
उस मोड़ पर
जीवन में
न हारे थे, न ...
कुछ जज़्बातों...
हर घर सजाता
दिवाली की रोश...
जगमगाओं रोशनी...
चंद-चंद करके
सरल,सहज, शुद्...
सत्य पथ का राही वो, कष्टो से न जो डरता है, सत्यवादिता को कवच बना. सत्य पथ का राही वो, कष्टो से न जो डरता है, सत्यवादिता को कवच बना.
माँ काशी-कैलास है, भटकत अटत न जाय। मैले मन को छाँडि दे, माँ का बनें सहाय।। माँ काशी-कैलास है, भटकत अटत न जाय। मैले मन को छाँडि दे, माँ का बनें सहा...
आबो हवा अर शुद्ध पानी अब नही वो गाँव। खो गया है आज वो, अमराइयों का गाँव।। आबो हवा अर शुद्ध पानी अब नही वो गाँव। खो गया है आज वो, अमराइयों का गाँव...
कितनी दामिनी ,कितनी कामिनी, तिल- तिल हर रोज मरती हैं, कितनी दामिनी ,कितनी कामिनी, तिल- तिल हर रोज मरती हैं,
सकारात्मक रहो, सकारात्मक रहो। प्रसन्नता से अपना सब काम तुम करो। सकारात्मक रहो, सकारात्मक रहो। प्रसन्नता से अपना सब काम तुम करो।
भारत की संस्कृति संस्कार कलाम अभिमान समय काल भारत की संस्कृति संस्कार कलाम अभिमान समय काल
हर साल की तरह इस साल भी रावण का पुतला जलाएंगे। हर साल की तरह इस साल भी रावण का पुतला जलाएंगे।
क़लम को बना हथियार शब्दों से तू कर वार जग की कटु वाणी सुनकर स्वयं से तू मत हार। क़लम को बना हथियार शब्दों से तू कर वार जग की कटु वाणी सुनकर स्वयं से तू...
काश दुनिया में राम राज्य आ जाए सुख चैन का जीवन फिर से एक बार लौट आए. काश दुनिया में राम राज्य आ जाए सुख चैन का जीवन फिर से एक बार लौट आए.
अनमोल होता है मेरे और तुम्हारे बीच का वो पवित्र रिश्ता। अनमोल होता है मेरे और तुम्हारे बीच का वो पवित्र रिश्ता।
न हार में ,न जीत में, न उलझो इन गीत में, कर्म की राह चुनो। न हार में ,न जीत में, न उलझो इन गीत में, कर्म की राह चुनो।
स्वच्छ, स्वस्थ जिन्दगी हो, स्वप्न स्वार्थ से परे। स्वच्छ, स्वस्थ जिन्दगी हो, स्वप्न स्वार्थ से परे।
चांद सितारे खेले जिसमें माँ ऐसी अंगनाई है. चांद सितारे खेले जिसमें माँ ऐसी अंगनाई है.
प्रभु की भक्ति में शक्ति है, भक्ति कीजिए। प्रभु की भक्ति में शक्ति है, भक्ति कीजिए।
यूँ आँख मूंद क्यूँ बैठे हो कुछ मुख से अपने बोलो ना । यूँ आँख मूंद क्यूँ बैठे हो कुछ मुख से अपने बोलो ना ।
उस ईश्वर की है दया पाया मानव रूप। भज ले अब तू प्रेम से रब के भिन्न स्वरूप।। उस ईश्वर की है दया पाया मानव रूप। भज ले अब तू प्रेम से रब के भिन्न स्वर...
एक झुंड है खड़ा बाँधे हाथ नही किसी का कोई साथ। एक झुंड है खड़ा बाँधे हाथ नही किसी का कोई साथ।
कितनी भी विपत्तियाँ आये, उनको पार कर लेता है। कितनी भी विपत्तियाँ आये, उनको पार कर लेता है।
शक्ति मन की ,विश्वास मन की उत्साह मन की , धैर्य मन की। शक्ति मन की ,विश्वास मन की उत्साह मन की , धैर्य मन की।
हमारे प्रयास से, रावण मर नहीं सकता। पुतला जलायें हर वर्ष पर वह जल नहीं सकता। हमारे प्रयास से, रावण मर नहीं सकता। पुतला जलायें हर वर्ष पर वह जल नहीं सकता।