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Kavitri saroj singh

Abstract

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Kavitri saroj singh

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होली २०२०

होली २०२०

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उत्सव करने भंग,

कोरोना क्यूँ आया तू दिल्ली में

कैसे खेलें रंग,

कोरोना क्यूं आया तू दिल्ली में।


होली मेरी रीती जाये 

एक वर्ष में वापस आये

देखे न हुड़दंग,

कोरोना क्यूं आया तू दिल्ली में।


हेलो हाय ही कहते जाएं

मत काहू से हाथ मिलाएं

हित नाते के संग,

कोरोना क्यूँ आया तू दिल्ली में।


जान बची तो फिर होली है

यारों की अपनी टोली है

रंग हो गया जंग कोरोना

क्यूं आया तू दिल्ली में।


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