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Monika Jayesh Shah

Inspirational

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Monika Jayesh Shah

Inspirational

हंसते मुस्कराते

हंसते मुस्कराते

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हंसते और मुस्कराते रहो..

जीवन के गीत गुनगुनाते रहो..

मंज़िल रास्ता निहारे खड़ी है..राहो में..

अपनी बेशुमार चाहत उस पर लुटाते रहो..

क्या पता ज़िंदगी कब किस मोड़ पर आकर रुके..

क्या पता ज़िंदगी कब किसकी सबक बन जाएं..

उसी में तुम अपनी खुशी हमेशा लुटाते चलो !

आज का ज्ञान आप सभी का करते गुणगान..

मेरे अपने रहे हमेशा स्वस्थ और निरोगवान!

मेरी कविता है.... अब तुमसे मेरी पहचान ! 


 


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