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Sunil Kumar

Inspirational

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Sunil Kumar

Inspirational

हिंदी

हिंदी

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भारत मां के माथे की बिंदी 

कितनी सरस सहज है हिंदी।


संस्कृत भाषा से जन्मी हिंदी

मातृभाषा है अपनी हिंदी।


कबीर- सूर- तुलसी की हिंदी 

मां भारती के माथे की बिंदी।


जन-जन का विश्वास है हिंदी 

एक सुखद एहसास है हिंदी।


मेल-मिलाप बढ़ाती हिंदी 

देश प्रेम सिखलाती हिंदी।


अपनत्व भाव फैलाती हिंदी

जीवन बगिया महकाती हिंदी।


भेद -भाव मिटाती हिंदी 

मिलकर रहना सिखाती हिंदी।


सबको गले लगाती हिंदी

द्दृढ़ विश्वास जगाती हिंदी।


पहचान नई दिलाती हिंदी

राष्ट्र का मान बढ़ाती हिंदी।



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