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Govardhan Bisen 'Gokul'

Abstract

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Govardhan Bisen 'Gokul'

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गुरु वंदन

गुरु वंदन

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(कुंडलिया छंद)


​ज्ञान दीप जग में तारे, मिटे तिमिर अज्ञान।

शिक्षक दिवस मनाइयो, तजि दीजै अभिमान॥

तजि दीजै अभिमान, नमों राधाकृष्णन को।

शीश झुकाकर आज, वंदिए शिक्षक-जन को॥

कह 'गोकुल' कविराय, चलें हम सतपथ सारे।

मन में भर अनुराग, ज्ञान दीप जग में तारे॥


डॉ. गोवर्धन बिसेन 'गोकुल'

गोंदिया (महाराष्ट्र)

दि. ५ सितंबर २०२६


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