STORYMIRROR

Aparna P

Tragedy

3  

Aparna P

Tragedy

गुजरा जमाना

गुजरा जमाना

1 min
520

 आज एक दोस्त ने पूछा ,

'कैसे है? '

क्या बताए उसे?

जमाना गुजरा उनसे बिछड़ के। 

अब तो उनकी यादों को भी

याद करना पड़ता है।

याद करने की कोशिश की तो

यादों पर भी अंधेरा बिखरा हुआ है।

अचानक से पुरानी डायरी में

रखा उनका खत याद आया!

बेताबी से खत पढ़ा और

उनसे मिलने की तमन्ना जाग उठी।

चल पड़ी उनकी खोज में

गुजरकर उनकी गली में,

यादों पर छाया अंधेरा झट से दूर हुआ ।

बेचैन हुई उन्हे मिलने के लिए!!

पहुंची जब उनके ठिकाने पर तो पता चला 

जमाना हुआ उन्हे जिंदगी से बिछड़े ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy