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VIPIN KUMAR TYAGI

Inspirational

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VIPIN KUMAR TYAGI

Inspirational

गर्मी आई रे, गर्मी आई रे

गर्मी आई रे, गर्मी आई रे

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गर्मी आई रे, गर्मी आई रे बड़ी उमस वाली गर्मी आई रे, गर्मी आई रे,

बड़े सुहावने मौसम बसंत के बाद गर्मी आई रे, गर्मी आई रे,

एक तरफ गर्मी आई रे, दूसरी तरफ मच्छरों का प्रकोप साथ लाई रे,

परेशान करने वाली गर्मी आई रे, गर्मी आई रे,


प्रत्येक वर्ष बढ़ता तापमान साथ मे लाई रे,

प्रत्येक वर्ष नए रिकॉर्ड बनाता तापमान साथ लाई रे, गर्मी आई रे,

बढ़ता प्रदूषण भी साथ लाई रे, उमस के साथ साथ

झुलसने वाली गर्मी भी साथ लाई रे, गर्मी आई रे,


कहीं भी चैन न देने वाली गर्मी साथ मे लाई रे, गर्मी आई रे,

न पंखे देते आराम, न कूलर देते आराम,

अब तो एसी भी हो जाते फेल, ऐसी गर्मी आई रे, गर्मी आई रे,


कहीं भी न देती आराम, हिल स्टेशन भी हो गए गर्म,

अब ऐसी गर्मी आई रे, गर्मी आई रे,

कभी कभी लगता है ऐसी गर्मी क्यो आई रे,

जो समस्त आराम को चुराकर साथ ले जाए, ऐसी गर्मी क्यो आई रे

गर्मी आई रे, गर्मी आई रे बड़ी उमस वाली गर्मी आई रे, गर्मी आई रे।


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