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Aashim Sharma

Tragedy

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Aashim Sharma

Tragedy

ग़ज़ल

ग़ज़ल

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उसने गली में आना-जाना छोड़ दिया

फिर हमने भी, मुस्कुराना छोड़ दिया


तेरे ना आने से, और कुछ ना बदला

एक पंछी ने आब-ओ-दाना छोड़ दिया


ज़ख्म ने ज़ख्मी को,थोड़ा क्या छोड़ा

एक पागल ने पागलखाना छोड़ दिया


अब है मालूम हमें, सब की हकीक़त 

अब सभी को, आज़माना छोड़ दिया


उसने छत पर आना जाना, छोड़ा था

हमने अपनी पतंग उड़ाना छोड़ दिया


एक तितली ने, रंग चुराना छोड़ दिया

चित्रकार ने, चित्र बनाना छोड़ दिया


बहुत उदास रहने लगे हो, आज कल

और बताओ दिल दुखाना,छोड़ दिया


एक लड़की ने हंसकर पूछा,बोलो तो

आशिम तुमने दिल लगाना, क्यों छोड़ दिया


 - Aashim Sharma 




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