STORYMIRROR

नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Abstract Tragedy Inspirational

4  

नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू

Abstract Tragedy Inspirational

एक संगत एक पंगत

एक संगत एक पंगत

2 mins
361

अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


घृणा स्वयं दिन हीन  

जाति कर्म अभिशप्त

ऊंच नीच भावना लुप्त

ब्राह्मण शुद्र सभी साथ

एक बैठक साथ खाना


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


स्वाभिमान सृजन

खालसा बैसाख

दृढ़ संकल्प गुरु

समेटना बिखरी

जनशक्ति संचार


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


स्वाभिमान जगाना

अद्भ्य उत्साह भर

गीदड़ों में शेर शक्ति

बदलनी मान शक्ति


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


सदैव बने शक्ति पुंज 

अत्याचारों से जूझ

परास्त उन्हें करना  


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


अस्त्र शस्त्र निपुण

करें निडरता पूर्वक 

बड़ी बड़ी सामना

लौहपुरुष बन जाए

देख सामने भागे  

गीदड़ों की झुंड


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


मेरा नाम सार्थक 

गुरु गोविंद सिंह 


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


वैशाखी वाले दिन

विशाल जन सभा

स्वयंम का बलिदान

पहुंचे परीक्षा द्वार


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


"पांच प्यारे पंथ"

खत्री जाट धोबी

व कहार एक नाई

विखंडित भारत

संगठित प्रयास


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


हरेक साथ सिंह 

"पांच प्यारे पंथ"

लोहे के बाटे में

लोहे के खड़े को 

पांच गुरु वाणी 


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


जल मिला बत्तासे

अमृत पान तैयार

पहले पिए पांच  

गुरु साथ इनके 

हाथों अमृत पान


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


गुरु गोविंद राय से

बने गुरु गोविंद सिंह

उच्च कोटि विनम्रता

सबको मिले बराबरी 

"वाह वाह गोविंद सिंह

आप गुरु साथ चेला"


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


खालसा पंथ सृजन

निर्णायक मोड़ वक्त 

क्रांति अद्भुत घटना

उपेक्षित चीर शोषित 

जनधारण मुक्ति राष्ट्रीय 


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


योद्धा बना आन्दोलन

विखंडित देश बचाने

अकाल पुरुष परम

वंदना कर वरदान 


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत


"शुभ कार्यों संपादन

मैं कभी पीछे ना हटूं

धर्मयुद्ध शत्रुओं नाश

विनाश विजय निश्चय

विजय करूं प्राप्त"


अमृत पान शूरवीर

शेर को चुनौती देते

उसकी की ही मांद 

एक संगत एक पंगत।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract