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Milan Pandya

Classics


5.0  

Milan Pandya

Classics


एक कोशिश

एक कोशिश

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कोरे कागज़ में आज यादों को लपेटने की कोशिश होगी

जिन्हें कहीं छोड़ आये हैं उन्हें याद करने की कोशिश होगी।


माँ के हाथो का खाना यूँ तो हर किसी को प्यारा होता है

पर आज के दिन दोस्तों के साथ खाने की गुज़ारिश होगी।


पैसों की दौड़ में 2 पल हँसना भी आजकल किसे गंवारा होता है

पर आज के दिन दोस्तो से किसी शरारत की साजिश होगी।


वैसे तो हम कभी दिमाग के आगे दिल की चलने नहीं देते 

पर आज के दिन दिमाग की हर दलील खारिज होगी।


इंस्टा, फेसबुक पे टेग करना तो जैसे रिवाज़ बनता जा रहा है

पर आज के दिन तो दोस्तों के एक कॉल ही फरमाइश होगी।


यारा तेरी यारी को मैंने तो खुदा माना ये गाना जब आएगा टी वी पर

तब सख्त से सख्त लौंडे की भी आंखों से बारिश होगी।


हर किसी की ऑफिस पे आज ताला लगा होगा

आज पैसों से ज़्यादा पहले जैसा बनने की ख्वाहिश होगी।


बंदिशों के बांध से ख्वाहिशों के पानी को अपने हाथों से छोड़ेंगे

ट्रिपल सवारी बिना लाइसेंस ज़ोर ज़ोर से चिल्लायेंगे। 


ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे तोड़ेंगे दम मगर 

तेरा साथ ना छोड़ेंगे।


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