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Dr. Anuradha Jain

Abstract

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Dr. Anuradha Jain

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एक ही रोना

एक ही रोना

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सभी तरफ है एक ही रोना

हाय कोरोना हाय करोना


जो था जहां वहीं थमा है

खाना -पीना और बस सोना


हाय कोरोना हाय कोरोना

हम भी भारत की संतान


घर पर रहकर बढ़ाएंगे शान

हमें घर पर ही खुशियां पिरोना है

कोरोना का रोना ना रोना है।


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