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Priyanka Singh Rajput

Abstract

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Priyanka Singh Rajput

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एक है

एक है

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मंजिल एक है

रास्ता अनेक है

चाहत तुझसे है

राहत भी तुझसे है

दिल भी एक है

धड़कन बनकर दिल में

धड़कता भी तू ही एक है

तेरा दिल मेरा मन्दिर है

और दिल का रब भी

तू ही एक है

तू एक हो कर भी

मेरे लिए अनेक है

तेरी चाहत भी एक है

और मेरी हजारों

खुशियां भी एक है

क्योंकि तू मेरे लिए

मेरे सांसों के लिए

मेरे जीने के लिए

एक बस एक वज़ह है

क्योंकि तू इस दुनिया में एक है

मेरे कन्हैया तू बस तू एक है !!


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