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Tulika Tiwari

Inspirational

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Tulika Tiwari

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एक दिन जब घर में नहीं था पानी

एक दिन जब घर में नहीं था पानी

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एक दिन जब घर में नहीं था पानी ,

सबको फिर याद आई नानी।

घर मैं सिर्फ एक घड़ा था ,

वह भी आधा भरा पड़ा था।


मुँह धोते या पानी पीते ,

घर मैं पड़े सब बर्तन रीते।

हमने आज नहाया नहीं है ,

माँ ने कुछ भी पकाया नहीं है।


जूठे बर्तन औंधे पड़े हैं ,

माँ पापा चिंता मैं खड़े हैं।

आस पास भी नहीं है पानी ,

यह है बहुत बड़ी परेशानी।


याद आ रहा माँ का ताना ,

बंद करो नल, मत गाओ गाना।

बूँद बूँद जो नहीं बचाओगे ,

तो तुम भविष्य मैं पछताओगे।


पानी का तुम जानो मोल ,

यह चीज है बहुत अनमोल।

ईश्वर के यह हैं वरदान ,

जल, वायु, भूमि, अग्नि, आकाश महान।


पंचतत्व का करो सम्मान ,

फिर बनेगी पृथ्वी महान।

वृक्ष, मछली, मानव, खेत ,

बिन पानी सब है रेत।


घूँट घूँट भर पानी है पीते ,

पूरा दिन बीता है ऐसे।

सोचो यदि पानी न होगा ,

तो फिर जीवन कैसे होगा।


आज हम लें यह संकल्प ,

और बनाये अपना कल।

जल, थल, नभ को बचाना है ,

यही तो हमारा खजाना है।


बूँद बूँद से गागर है भरता,

बूँद बूँद से सागर है भरता।

बूँद बूँद हम तुम बचाएं ,

आओ जल संरक्षण बढ़ाएं।



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