एक दीया जलाए
एक दीया जलाए
चलो आज एक दीप जलाए राम राज्य की अलख जगाए।।
तमस अंधकार मिटाए चलो एक दीप जलाए राम राज्य की अलख जगाए।।
ज्ञान ज्योति कि जलाए मन बुद्धि का प्रकाश चलो एक दीप जलाए राम राज्य की अलख जगाए ।।
द्वेष घृणा त्यागे मिटे बैर भाव का अंधकार चलो एक दीप जलाए राम राज्य की अलख जगाए।।
दुःख दरिद्रता पास ना आवे सम भाव का युग निर्माण
चलो आज एक दीप जलाए रामराज्य का अलख जगाए ।।
सुख शांति वैभव कि लक्ष्मी पूजन वंन्दन ऋद्धि सिद्धि कि गणपति आराधना
जीवन का धन धान्य चलो एक दीप जलाए राम राज्य का अलख जगाए।।
संस्कृति संस्कार का दीपक मर्यादा मूल्यों कि बाती भावों का घृत तेल
प्रेम परस्पर कि लौ जलाए चलो एक दीप जलाए राम राज्य कि अलख जलाए।।
उत्सव मानव मूल्यों का दानव पर देव विजय का सत्य जीत असत्य हार
जीवन अंधकार पथ का उजियारा चलो एक दीप जलाए राम राज्य कि अलख जगाए।।
