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SIMRAN MAITHANI

Abstract

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SIMRAN MAITHANI

Abstract

एक दौर वो था एक दौर ये है..

एक दौर वो था एक दौर ये है..

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एक दौर वो था

एक दौर ये है


एक दास्तान वो थी

एक दास्तान ये है


कुछ पुराने किस्से कहानियाँ है

कुछ नई नादानियां है


कुछ धुंधले चेहरे यादों में है

कुछ नए चेहरे आंखों में है


कुछ अंधेरों में रोशन उजाले हैं

कुछ सन्नाटों में शोर की पुकारे हैं


एक मोड़ वो था

एक मोड़ ये है


एक वक्त वो था

एक वक्त ये है


कुछ सुकून कुछ राहतें है

कुछ सीने में दफ़्न चाहतें है


कुछ आँखों में कैद राज़ है

कुछ दिल में छुपी आस है


कुछ पाने की ख्वाइश कुछ खोने का डर है

कुछ नई मुस्कुराहटें कुछ नए दर्द है।


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