दुष्प्रभावी मोहब्बत
दुष्प्रभावी मोहब्बत
मेरी तमन्ना है बस यही!
तू मिले मुझको वहीं!!
गए थे जहां से जुदा होकर!
मिल जाएं फिर वहीं पर कहीं!!
हवाओं से पूछा मैंने अक्सर!
छुआ तो तुम्हें उसने नहीं!!
तड़प मेरी महसूस कर ले!
तेरे बिना मर ना जाऊँ कहीं!!
रौशन थी जिंदगी साथ तेरे!
तेरे बिन बागबां कैसे हो पाएगी!!
भूल कर अतीत अब वापस आ जा!
मेरी जान तू मेरे बिना नहीं रह पाएगी!!
बिताया हर लम्हा तेरे साथ याद है!
साल के हर दिन बस तेरी फरियाद है!!
भूलूँ तुझे तो कैसे दिल ये मेरा रोता है!
मेरी सांसो पर मेरा अब क्यूँ हक नहीं!!
मेरी खता की ये सज़ा हैं!
घुट रही हो दिल में तुम ही!!
जुदा हुआ खुद से मर गया हूँ तुझ पे!
जिंदा हो पाऊंगा शायद अब नहीं!!

