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BINAL PATEL

Abstract

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BINAL PATEL

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दशहरा की शुभकानाएं

दशहरा की शुभकानाएं

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'अँधेरे में आज उजाला होगा,

पाप-पुण्य का हर हिसाब होगा,

उसके घर में देर है, अंधेर नहीं,

जूठ, फरेब, हिंसा-अहंकार,

सब मिट्टी के समान होगा,

जब,

दिल की आवाज दिमाग समझेगा ,

समझके उसका पालन करेगा,

कंकड़ भरी राह पर खुद चलेगा,

सच्चाई से वो कभी मुँह न फेरेगा,

सोच बदलने से कुछ खास फरक नहीं पड़ेगा,

उस नहीं सोच के पालन से विश्व बदलेगा।'



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