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dhiraj jesvar

Abstract

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dhiraj jesvar

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दर्दे दिल

दर्दे दिल

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हमने भी मोहब्बत की है जनाब,पर

ए मोहब्बत हमे बहोत सताये जा रही है।

कुछ दिन दूर क्या हो गए उनसे हम,

उनकी याद बहोत आ रही है।


जीने को तो जी लेंगे कुछ भी करके,पर

उनकी हर एक बात हमारे दिल को खाये जा रही है

सोच रहे थे मौत ही आ जाए हमे, पर

पता नही क्यो मौत भी हमसे दूर भागी जा रही है।


खामोश हो गए हैं आज भले हम,पर

हमारी रूह चीख चीख कर उन्हींको बुलाये जा रही है।

उन्हें हमारी याद आती होगी कि नही, हमे पता नही ,

पर हमारी आँखे उन्ही के लिए रोए जा रही है।


ओ कब और कहा तक

साथ निभाएंगे उनकी मर्जी,

पर हमारे आशु तो आज भी हमारा साथ निभाए जा रहे है।

अब तो नींदों में भी तुम आने लगी हो, इसलिए

हम अपनी निंदो को भी खोए जा रहे हैं।


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