STORYMIRROR

Shivam Antapuriya

Abstract

3  

Shivam Antapuriya

Abstract

दर्द यूँ

दर्द यूँ

1 min
234

दर्द अपने यूँ तुमको हम दे जाएंगे

नफ़रतों को मोहब्बत सिखा जाएंगे


चल दिए हैं हम अब जिस राह पर

उन राहों को फ़ूलों से सजा जाएंगे।


नफ़रतें जो खड़ी वो तो जल जाएंगी

साँस सड़कों पे जाने से थम जाएंगी


मामला नागरिकता का साहब है ये

सारी उम्रें क्या सड़कों पे कट जाएग।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract