दिल में उठ रही आज यह आवाज
दिल में उठ रही आज यह आवाज
दिल में
उठ रही आज यह
आवाज है कि
काश हर कोई
पूरा न सही पर
थोड़ा सा शायर तो बन जाये
जज्बातों की सुनहरी स्याही से लिखे
चमकीले अल्फाजों को कुछ तो समझे
उन्हें कुछ हद तक तो
अपने दिल की गहराइयों में उतारे
एक इंसान है तो
इंसान जैसा तो बने
संवेदनाओं को अपने भीतर कहीं विकसित तो
करे
एक पशु की भांति तो न व्यवहार करे
कुछ अच्छा पढ़े
कुछ अच्छा विचारे
कुछ अच्छे कार्य करे
कुछ अपने जीवन को सुधारे
कुछ दूसरों को सहारा देता
एक ठहरा हुआ किनारा बने
किसी दरख़्त से पत्तों को झड़ता देख
उसे जड़ से उखाड़ने की न
कोशिश करे
उसकी शाखों को न काटे
उन पर बसे परिंदों के आशियानों को न
उजाड़े
सब्र करे
इंतजार करे
किसी की राह देखे
किसी को बर्बाद न करे
उसे प्यार करे
पतझड़ के पश्चात आ रही
बहारों की राह तके
अपने जीवन में
कुछ न बने
बस एक बेहतरीन इंसान बने
इसे हासिल करने के लिए
एक बेहद सरल उपाय यह है कि
हर रोज कुछ अच्छा
पढ़े
किताब के अल्फाजों के
साथ साथ
किसी के दिल की भावनाओं को
पढ़े
एक अच्छी कहानी पढ़े
एक अच्छी कविता पढ़े
एक अच्छा साहित्य पढ़े।
