STORYMIRROR

Rahulkumar Chaudhary

Abstract Horror Classics

4  

Rahulkumar Chaudhary

Abstract Horror Classics

दिल की शिकायत

दिल की शिकायत

1 min
212

उसने दूर रहने का मशवरा भी लिखा है

साथ ही मुहब्बत का वास्ता भी लिखा है


उस ने ये भी लिखा है मेरे घर नहीं आना

साफ़ साफ़ लफ़्ज़ों में रास्ता भी लिखा है


कुछ हरूफ लिखे हैं ज़ब्त की नसीहत में

कुछ हरूफ में उसने हौसला भी लिखा है


शुक्रिया भी लिखा है दिल से याद करने का

दिल से दिल का है कितना फ़ासला भी लिखा है


क्या उसे लिखें क्या उसे कहें

जिस ने कर के बे-जान,

फिर जान-ए-जाँ भी लिखा है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract