दिल की छुअन
दिल की छुअन
बात चली दिल छूने की।
प्रश्न उठा
किसका दिल ?
झाँका अपने दिल के भीतर।
समझ आया
अपना दिल ही अछूता।
जब तक न सुनेंगे दिल की अपनी
तो छुएंगे दूसरों के दिलो को कैसे ?
कार्य करे कुछ ऐसे
जो छू जाए दिलों को सबके।
मदद करो हर किसी की
रख के उनको अंतर्मन में।
आँसू पोंछो हर किसी के
समझ के आँसू अपने।
प्यार करो हर किसी को
दिल की गहराई से।
रिश्ता जो बनेगा वो होगा
दिल का दिल से रिश्ता।
एक बार करके तो देखो
दिल से दिल का रिश्ता।
