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Padma Verma

Inspirational

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Padma Verma

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दीपावली के क्या कहने!!

दीपावली के क्या कहने!!

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  दीपों की जगमगाहट से 

  मन प्रफुल्लित हो उठता है।

  पर , पटाखों की गूॅंज से

  मन बोझिल हो उठता है।


  यदि पटाखों की जगह मिठाइयों

  के डब्बे गरीबों में बाॅंटे जाए ,

  तो पटाखों के गूॅंज से बेहतर होगी 

 गरीबों की हृदय की उल्लास की गूॅंज।


  दीपावली के दिन पशु - पक्षियों

  का विशेष ख्याल रखा जाय ,ताकि ,

  उन्हें पटाखों से नुकसान न हो ,तो  

  इससे बेहतर दीपावली क्या होगी?


  और अस्पतालों में मरीजों के लिए

  दीपावलीके 'उपहार' स्वरूप उनकी

 दवाइयों के पैसे 'पटाखों ' की जगह 

 दिए जाऍं,तो दीपावली के क्या कहने!!


 ये होगी इन्सानियत की दीपावली,

 ये होगी सच्ची, निस्वार्थ, स्नेह की,

 हम भारतीयों की शुभकामनाओं से.

.जगमग,जगमग जगमगाती दीपावली।



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