दीदार जरूरी है
दीदार जरूरी है
प्रस्तावना
दीदार एक फ्रेंच शब्द है।
जिसका अर्थ
देखने की क्रिया, दर्शन, मुलाक़ात
ख़ुदा का जलवा, रसूल-ए-पाक की पेशवाई
दीद, जलवा
मरने के बाद मुँह दिखाना
(लाक्षणिक) चेहरा, मुँह, छवि
देखने वाला,
दीदार करने वाला
सौंदर्य
साक्षात्कार, देखादेखी
इतना सब सारा है।
कविता
अपनों से मिलना बात करना उनका दीदार करना जरूरी है।
रिश्तों को सही रखने के लिए रिश्तेदारों का दीदार करना जरूरी है ।
कोई ना कोई तरह से उनके साथ कनेक्ट रहना जरूरी है।
जमाना नया टेक्नोलॉजी का है तो अपने बच्चे
और उनके बच्चों को वीडियो कॉलिंग पर दीदार करना जरूरी है।
मन उसी से बहलाना पड़ता है।
क्योंकि दूर बसने वाले लोगों का पास में आकर रोज दीदार करना मुश्किल है।
ईश्वर सबकी आत्मा में बसते हैं।
अगर सही मायनों में उन्हें याद किया जाए तो किसी ना किसी रूप में
आपकी मदद को आते हैं, अपने मददगार में ईश्वर का दीदार करना जरूरी है।
कहती है विमला जो करना है दीदार ईश्वर का तो।
काम कुछ ऐसे करो जो आपके मन को अच्छे लगे ।
और लोगों की मदद कर जाए। क्या पता किसी भी रूप में आपको ईश्वर का दीदार हो जाए।
करो भगवान की उपासना तो साथ में दीन दुखियों का तुम ख्याल भी करो।
ऐसा ना हो कि मंदिर के अंदर चढ़ावा चढ़ाओ।
और बाहर कोई बच्चा भूख से बिलख रहा हो।
जो तुम उस बच्चे की भूख मिटाओगे।
तो उस बच्चे की संतुष्टि में साक्षात ईश्वर का दीदार पाओगे।
यह मेरा विचार है।
