ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम
Inspirational
जगत मिलत धन
दमकत तन मन।
बिन धन यह मन
विकल रहत है।
निशि दिन पल पल
अति धन हलचल।
विषय पकड़ धन
कुटिल बनत है।
चढ़त अहम जब
मिटत विनय तब।
जग हर नर लख
धन बदलत है।
कहत जगत सब
अति धन विष सम।
सुमति करत कुछ
कटक मिटत है।।
हिंदी ज्ञान भ...
स्वामी विवेका...
धन और मन
हे मेरे कृष्ण...
मेरा कान्हा भ...
देव गजानन आओ
हिंदी भाषा
जै जै मधुसूदन
पंद्रह अगस्त ...
पर्यावरण से ख...
इस बात को सदा रखना याद। कांटों से घबराना नहीं। इस बात को सदा रखना याद। कांटों से घबराना नहीं।
ख्वाब बदलते रहते हैं , मंजिल नहीं बदलती। ख्वाब बदलते रहते हैं , मंजिल नहीं बदलती।
एक ही जिंदगी है इसे खुल के जीना चाहिए। एक ही जिंदगी है इसे खुल के जीना चाहिए।
घणी बंधाई आस, और विश्वास जगाया। घणी बंधाई आस, और विश्वास जगाया।
छोड़ अपनों को अपनों के संग दिखा जीवन के इंद्रधनुषी रंग। छोड़ अपनों को अपनों के संग दिखा जीवन के इंद्रधनुषी रंग।
लाचारी ,बेबसी और मजबूरी किसी ने जानकर न चुनी। लाचारी ,बेबसी और मजबूरी किसी ने जानकर न चुनी।
दीप हो प्रकाश हो, लक्ष्मी का वास हो। दीप हो प्रकाश हो, लक्ष्मी का वास हो।
जीना तो सब चाहते कोई मरके भी देखे। जीना तो सब चाहते कोई मरके भी देखे।
उस पर कभी जान न्योछावर करना नहीं। उस पर कभी जान न्योछावर करना नहीं।
ऐसी कोई सरहद नहीं जहाँ हौसलों की न दरकार। ऐसी कोई सरहद नहीं जहाँ हौसलों की न दरकार।
समय से करता जो हर काम है जीवन में वही होता कामयाब है। समय से करता जो हर काम है जीवन में वही होता कामयाब है।
बड़ी शिद्दत से कायम रखें निज गरिमा और सम्मान बड़ी शिद्दत से कायम रखें निज गरिमा और सम्मान
रोशनी गरीब, अमीर के घर की सदा एक सी रहेगी !! रोशनी गरीब, अमीर के घर की सदा एक सी रहेगी !!
शनिदेव सुआयुष देत सब, जग की विपदा जड़ से हरते। शनिदेव सुआयुष देत सब, जग की विपदा जड़ से हरते।
कीमत हर वस्तु की है चाहे वो संजीव हो या निर्जीव, अब आप खुद ही देख लो। कीमत हर वस्तु की है चाहे वो संजीव हो या निर्जीव, अब आप खुद ही देख लो।
सफलता का ताज पहनाएगी किस्मत तुम्हें एक दिन। सफलता का ताज पहनाएगी किस्मत तुम्हें एक दिन।
अब वो यादें आने लगी, माई फुले के बलिदान की। अब वो यादें आने लगी, माई फुले के बलिदान की।
दिल से दिल यूं ही मिलता रहे दिल से दिल यूं ही मिलता रहे
सत्य अपना लो असत्य से रहो दूर सत्य अपना लो असत्य से रहो दूर
ना लड़ाई ना झगड़ा है, ना गिला ना शिकवा है, ना लड़ाई ना झगड़ा है, ना गिला ना शिकवा है,