STORYMIRROR

Mukesh Kumar Sonkar

Abstract Classics Inspirational

4  

Mukesh Kumar Sonkar

Abstract Classics Inspirational

देवा श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा

1 min
306

रिद्धि सिद्धि के दाता सब विध्नहर्ता,

सब कार्यों में प्रथम पूज्य शुभारंभ कर्ता।

देवा श्री गणेशा.......


सबसे निराले और विलक्षण रूप धारी,

शुभ और लाभ दाता हैं मंगल कारी।

देवा श्री गणेशा......


इनकी पूजा बिना न कोई काम होवे,

इनको है भाते मावा, लड्डू और खोवे।

देवा श्री गणेशा......


सब देवों में प्रथम पूजा इनका ही होता,

इनके पूजा बिना न कोई काम शुरू होता।

देवा श्री गणेशा.....


सर्व मंगलकारी और शुभ लाभ दाता,

शिव गणों के स्वामी कार्तिकेय भ्राता।

देवा श्री गणेशा......


करो मंगल हमारा हे गणेश देवा,

अर्पण है आपको शुद्ध लड्डू और मेवा।

देवा श्री गणेशा.....


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract