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Vimla Jain

Abstract

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Vimla Jain

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दादी का बुना स्वेटर

दादी का बुना स्वेटर

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अब हम आपको अपनी क्या कथनी सुनाएं

हमारी भी एक प्यारी दादी थी।

जो हम से पहले भगवान को प्यारी हो गई ।

जब हम 1 साल के थे हमने दादी को बहुत वह देखा नहीं।

खाली कुछ बातें ही सुनी है।

मगर उन बातों में उनका बुना स्वेटर कभी आया नहीं ।,

इसलिए हम उसके बारे में आपको कुछ बता पाएंगे नहीं।

अब बात आती है बच्चों की दादी की

उन्होंने कभी कोई स्वेटर बुना ही नहीं इसीलिए उसकी भी कोई बात नहीं।

अब मेरे नाती पोतों की दादी उनकी दादी ने भी कभी कोई बुनाई करी ही नहीं,

इसलिए उसकी भी कोई बात नहीं,क्षमा करें आज हम दुखी हैं क्योंकि सर्दिया बहुत है।

 मगर क्योंकि हमारे घर किसी दादी ने हमारे यहां कोई स्वेटर बुना ही नहीं।


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