sushma bogale
Fantasy Others
भटकती हुई आग
को बुझाना
आसान नहीं छोटी
चिंगारी को नजरंदाज
मत करना
तुम देखते रह
जाओगे वह तुम्हें
जला के रख देगी
चिंगारी
पुजारी
शतरंज
लोग
नोट
अमीर
राम
फितरत
१५९ वाला
ढूंढेगी
अभी साढ़े तीन बजे हे, कॉल कर के याद करे क्या ? आज फिर से मीठी सी मुलाकात करे क्या ! अभी साढ़े तीन बजे हे, कॉल कर के याद करे क्या ? आज फिर से मीठी सी मुलाकात करे...
यह सब प्यार लुटाने लगते, सिर्फ प्यार से कहने से। यह सब प्यार लुटाने लगते, सिर्फ प्यार से कहने से।
आग लगाती है दिल में चांदनी, पुकारे तुझको तो तेरी बंदनी, आग लगाती है दिल में चांदनी, पुकारे तुझको तो तेरी बंदनी,
खोई हुई जागीर गरीब से मैं एक बार फिर धन्य और धनवान हो जाऊंगी। खोई हुई जागीर गरीब से मैं एक बार फिर धन्य और धनवान हो जाऊंगी।
समय के साथ चलना सिखे, बने एक अच्छे मनुष्य। समय के साथ चलना सिखे, बने एक अच्छे मनुष्य।
फिर भी आती है मॉरिशस की याद, समँदर का सैलाब कभी कभी। फिर भी आती है मॉरिशस की याद, समँदर का सैलाब कभी कभी।
लड़ता हूँ उस से कभी... कभी उसे मनाने को। लड़ता हूँ उस से कभी... कभी उसे मनाने को।
लोग पूछेंगे 'तुम' किसको लिखे हो 'रवि' मान गए गुरू ! शायर मिज़ाज हो तुम। लोग पूछेंगे 'तुम' किसको लिखे हो 'रवि' मान गए गुरू ! शायर मिज़ाज हो तुम।
शायद इससे पहले मुझे कोई तुम सा, मिला ही नहीं शायद इससे पहले मुझे कोई तुम सा, मिला ही नहीं
एक पूर्ण उपन्यास जो तुम्हारे आँखों में समा तुम्हारे व्याख्या और तुम्हारे हृदय एक पूर्ण उपन्यास जो तुम्हारे आँखों में समा तुम्हारे व्याख्या और तुम्हारे हृदय
दूसरे जीवों को अनाथ करोगे मंजर इससे भीषण होगा। दूसरे जीवों को अनाथ करोगे मंजर इससे भीषण होगा।
धोती कुरता चूड़ी अचकन जीन्स लाइका और चलेगी साड़ी। धोती कुरता चूड़ी अचकन जीन्स लाइका और चलेगी साड़ी।
तां समझ लैणा, यार अलबेले नाल, हो गिआ है दिल दा मेल। तां समझ लैणा, यार अलबेले नाल, हो गिआ है दिल दा मेल।
मैं रात हूँ तुम्हारे नींदो का साज चाहता चाँद सा खूबसूरत तो मैं नहीं मगर तुम्हें अ मैं रात हूँ तुम्हारे नींदो का साज चाहता चाँद सा खूबसूरत तो मैं नहीं ...
मैं अपनी ही कविता में छुपकर खुद अपनी ही अंदाज बनूँ मैं अपनी ही कविता में छुपकर खुद अपनी ही अंदाज बनूँ
मोहब्बत तो मोहब्बत है, फिर चाहे एक तरफा ही सही। मोहब्बत तो मोहब्बत है, फिर चाहे एक तरफा ही सही।
ये चाँदनी रात आँखों का काजल दिल की गजल ये चाँदनी रात आँखों का काजल दिल की गजल
तुम ना हो तो परेशान कितने तुम्हारे बिना अधुरे इतने। तुम ना हो तो परेशान कितने तुम्हारे बिना अधुरे इतने।
अनजाने चेहरे बनें, इक दूजे के मीत, आभासी रिश्ते हमें, मिलते हैं उपहार ! अनजाने चेहरे बनें, इक दूजे के मीत, आभासी रिश्ते हमें, मिलते हैं उपहार !
उसूल से पक्के हो तुम मगर, ये फूल ! आख़िरी दफ़ा इनके बिन गले लगाने दे। उसूल से पक्के हो तुम मगर, ये फूल ! आख़िरी दफ़ा इनके बिन गले लगाने दे।