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Rishi kumar

Inspirational

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Rishi kumar

Inspirational

छंद

छंद

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नवधा चरित साधन साधु जापयोग,              

अर्थार्थी हुए महान हम आर्त हैं /

इन्द्रि ज्ञान न एकाग्र ध्यान मनोयोग, 

धर्म अधर्म भूले बाणाधारी पार्थ हैं //

न्याय कर्म उचित न वाणी आत्मयोग, 

             दण्ड न विधान धर्मराज कृतार्थ हैं /

चिंतन मनन ज्ञान त्याग देहयोग, 

             शील दया क्षमा सब अदृष्टार्थ हैं //



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