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Karil Anand

Abstract

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Karil Anand

Abstract

चाटुकारिता -नकारात्मक  दीमक

चाटुकारिता -नकारात्मक  दीमक

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है.कुछ इस दौर की कुछ ऐसी विशेषता

चापलूस की झूठी बात भी सच लगती है


मीठी बनावटी चाशनी में पकायी जाती है

झूठ को सच का अनावरन लगाना है

चापलूसों की विशेष पहघान


किसी की सक्षमता का मापदंड

उसकी निष्ठा व समपर्ण का भाव हो

न कि चापलूसी का अभाव 


व्यक्ति का आकलन चाटुकारिता से 

नहीं करें निष्ठा,

समपर्ण व योग्यता पर करें।  


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