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Bhikham Shah

Abstract

3  

Bhikham Shah

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बस तू उड़

बस तू उड़

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पंख फैलाए बस तू उड़

आसमान के पार तू उड़

कामयाबी हासिल कर

मत तू रुक

पंख फैलाए बस तू उड़


कामयाबी पर अपनी

घमंड ना कर

स्थिर मत रह

पंख फैलाए बस तू उड़


आहिस्ता आहिस्ता उड़ान भर

अपने मुकाम कि और

पंख फैलाए बस तू उड़

पंख फैलाए बस तू उड़।।


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