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N.Beena Gupta

Inspirational Others

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N.Beena Gupta

Inspirational Others

बरगद

बरगद

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याद मुझे है बचपन मेरा 

इस जीवन का उजला सवेरा 

खेत बाग और मैदानों में 

हँसता-खिलता मासूम सा चेहरा 

कई थे साथी उस बचपन के 

कई मित्र थे सब अल्हड़ से

जीव-प्राणी का भेद नहीं था 

तितली, गिलहरी, चिड़िया, कोयल

पेड़-पुष्प सब मित्र सरीखे 

एक मित्र था बड़ा अनोखा ----

अरे था नहीं है------ 

आज भी वो साथ है मेरे 

मेरा बूढ़ा बरगद बाबा-----

इतना घना वो इतना बड़ा है 

जिसकी छाया वरदान सी लगती 

कई पीढ़ियां जिसमें पलती 

पिता मेरे ये कहते हैं ----

इसके नीचे मैं भी खेला 



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