STORYMIRROR

ARVIND SINGH

Drama Romance Others

3  

ARVIND SINGH

Drama Romance Others

बहुत पछताओगे तुम

बहुत पछताओगे तुम

1 min
342

आज तुम्हारा इंतजार करके थक जाती हूँ मैं

न चैन से सो पाती हूँ मैं

हर वक्त याद आती है तुम्हारी

पर तुम ना समझ पाते हो

बहुत पछताओगे तुम 

जब में न रहूंगी इस दुनिया मैं


रोज कॉल करके थक जाती हूँ मैं

तुम ना उठाते हो फोन 

एसएमएस करते करते मेरे हाथ तक थक जाते हैं

पर तुम ना रिप्लाई देते हो 

देखना बहुत पछताओगे तुम 

जब मैं न रहूंगी इस दुनिया में


सुना है बहुत घूमते हो दोस्तों के साथ

मुझे भी घुमा दो कभी 

घूमना फिरना दूर की बात कभी बात भी कर लिया करो मुझसे

मेरे लिए तुम्हारी आवाज सुनना ही है बहुत काफी 

मगर तुम ना समझ पाओगे इसे

चलो छोड़ो तुम ना समझ पाओगे 

देखना बहुत पछताओगे 

जब मैं न रहूंगी इस दुनिया में

जब मैं न रहूंगी इस दुनिया में

जब मैं न रहूंगी इस दुनिया मैं


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama