STORYMIRROR

Abhishek Pandey

Romance

4  

Abhishek Pandey

Romance

बहुत कोशिशें की हैं

बहुत कोशिशें की हैं

1 min
11

खुली आंखों में तमस घुलता है

एक ही तरकीब रातभर सोचते हैं 

तुम्हे भूल जाने की 

बहुत कोशिशें की हैं 


हर नज़्म में जिक्र छुपा रहे 

किसी मिसरे में न आए नाम 

दफन रहो किसी कोने में दिल के 

बहुत कोसिशे की हैं 


लेकिन आंखों से बरस जाते हो 

गम के सावन का भी इंतजार नहीं

कुछ नुक्शे अब भी बाकी हैं 

हिम्मत नहीं आजमाने की 

बहुत कोशिशें की हैं 

तुम्हें भूल जाने की।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance