STORYMIRROR

Vikas Maurya

Abstract

4  

Vikas Maurya

Abstract

भारत एक है

भारत एक है

1 min
280

स्वर्ग का रास्ता, या आख़िरत का सब एक है,

हिन्दू कहो या मुस्लिम, भाई सब एक है।


कहा जा रहे हो किसी की बातों में, जनाब 

यह मत अनेक है, इनसे मिलो सब एक है।


आज सोचोगे तो आज हाथ से निकल जाएगा

चलों दिखता हु कैसे हमारा भारत एक है।


भाषाएं बदलती है, यहाँ बदलता है पानी

चलते जाओ पग पग पर यह बदलती है वाणी।


सारे भाषाओं में बसता दिल सच्चा नेक है,

देख भाई, दिखते सब अलग पर सब एक है।


रंग रूप, चाल ढाल बदलता है यहाँ आकार

नेकी की कीमत यहाँ, पूछो अंग्रेजो से यार


लड़े थे कैसे सबने, कीमत सबने चुकायी थी

तब कही जाके हमें दुनिया दिखलाई थी।


एक से एक जुड़ कर बनते यहाँ अनेक है,

अरे भाई, ऐसे ही भारत हमारा एक है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract