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Manishaben Jadav

Inspirational Children

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Manishaben Jadav

Inspirational Children

भाई है मेरा ऐसा

भाई है मेरा ऐसा

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भाई है मेरा ऐसा

 जग मे न मिले ऐसा कोई दुजा।


जब मे छोटी थी।

 सबसे बाते करती थी।

अनजाने राहो पे

 मेरा हरपल ख्याल रखते थे।


जब मे विध्यालय जाती थी।

  शरारत सबसे करती थी।

जब मे हो जाउ परेशान

 भैया मुझे हंसाते थे।


जब मम्मी की डांट मुझे मिलती।

 शिकायत मेरी सब करते।

भैया मेरी ढाल बनके

  सबसे मुझे प्यार दिखाते थे।


सहमी सहमी हो जाउँ

डरी डरी मे रहती।

भैया तब आकर मेरा

 हौसला बढाता था।


दोस्ती है प्यारा रिश्ता

 ये सारे संसार मे।

भैया मेरा दोस्त बनके

 मेरा साथ हरपल देता।


बचपन से वे मेरी

  मस्ती करते रहना।

लेकिन जब मे रोती

बडे प्यार से मुझे हंसाए।


रक्षाबंधन के दिन मुझसे

राखी सबसे पहले बंधाए।

जिंदगी भर मेरी

रक्षा करने का वचन निभाया।


कभी पिता के जैसे

बात बड़ी वह करता।

कभी छोटा सा बच्चा बनके

सबसे शरारत करता।


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