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Shayar Vishal

Tragedy


4.0  

Shayar Vishal

Tragedy


भाई बहन दूर हो जाते हैं,,,

भाई बहन दूर हो जाते हैं,,,

1 min 48 1 min 48

बड़े होकर भाई बहन,,

कितने दूर हो जाते हैं,,

इतने व्यस्त हैं सभी,,

कि मिलने से भी मजबूर हो जाते हैं,,


एक दिन भी जिनके बिना,,

नहीं रह सकते थे हम,,

सब जिन्दगी में अपनी,,

अपनी मशरुफ हो जाते हैं,,


छोटी-छोटी बात बताएँ बिना,,

हम रह नहीं पाते थे,,

अब बड़ी-बड़ी मुश्किलों से,,

हम अकेले जूझते जाते हैं,,


ऐसा भी नहीं,,

कि उनकी अहमियत नहीं हैं कोई,,

पर अपनी तक्लीफें,,

जाने क्यूँ उनसे छुपा जाते हैं,,


नये रिश्ते,,

जिन्दगी से जुड़ते चले जाते हैं,,

और बचपन के ये रिश्ते,,

कहीं दूर हो जाते हैं,,


खेल-खेल में रुठना-मनाना,,

रोज-रोज की बात थी,,

अब छोटी सी गलतफहमी से भी,,

दिलों को दूर कर जाते हैं,,


सब अपनी उलझनों में,,

उलझ कर रह जाते हैं,,

कैसे बताएँ उन्हें हम,,

कि वो हमें कितना याद आते हैं,,


वो जिन्हें एक पल भी,,

हम भूल नहीं पाते थे,,

बड़े होकर वो भाई बहन,,

हमसे दूर हो जाते हैं!


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