STORYMIRROR

कुमार संदीप

Inspirational

3  

कुमार संदीप

Inspirational

बेटी हूँ एक दिन

बेटी हूँ एक दिन

1 min
384

आज हूँ नन्ही सी 

कल बड़ी हो जाऊँगी

हाँ एक दिन अपनी

अलग पहचान बनाऊँगी


पापा की परी हूँ मैं

मम्मी की हूँ दुलारी

हाँ चाचा की हूँ मैं गुड़िया

हाँ एक दिन बड़ी हो जाऊँगी


पढ़कर लिखकर जग में

अपनी एक अलग

पहचान बनाऊँगी

हौसलों की उड़ान भर


सपने करुँगी पूरी मैं

हाँ मैं बेटी हूँ एक दिन 

कुल का नाम रोशन करुँगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational