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Kabyasri Hazarika

Romance Fantasy

4.5  

Kabyasri Hazarika

Romance Fantasy

बारिश

बारिश

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किसी शाम,

जब कहीं चाँद ढले,

धीमी बारिश में,

किसी की आस में,

कहीं उदासी में...

कोई तो था,

जिसने मद्धम सी छाँव तले,

मुझे अपनाया,महसूस कराया—

कि ज़िंदगी रंगीन है,

मैं हसीन हूँ,खुशनसीब हूँ।

वो भी किसी सितारों सा,

चमचमाता मेरा दिलरुबा,

मासूम सा,नाज़ुक सा,

दहोश है...

मोहब्बत थी सच्ची,

क्योंकि अब साथ है,

आबाद है,

वहीं छाँव तले,

जहाँ चाँद ढले,

बारिश की बूंदें...

हमें ढूँढें।


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