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Shatakshi Sarswat

Abstract

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Shatakshi Sarswat

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बाबा ! आओ न

बाबा ! आओ न

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बाबा आओ न,

अपनी एक झलक दिखाओं न,

मुझको प्यार से बुलाओ न,

फिर गले से लगाओ न।

बाबा आओ न,

एक बार फिर से मेरी बातों को

बिन कहे समझ जाओ न,

इन आँसुओ को गिरने से बचाओ न,

अपना हाथ मुझको थमाओ न।

बाबा आओ न,

सपने में ही सही,

पर मुझसे आके एक बार बतलाओ न।

बाबा ! आओ न।।


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