STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

3  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

अनुभूतियां

अनुभूतियां

1 min
351

अनुभूति

जो

अंदर

से पैदा

होती है


वह

अनुभूति

अगर

सुख

का है

खुशी

का है 

आनंद

का है


तो

यह

इतना

प्रकृतिक

होता

है की

आत्मा

प्रफुल्लित

हो

जाती है


और

अगर

दुख

का है

तो

रोम-रोम

दुख

के मारे

तड़प

उठता है


भाग्यशाली

होता है

वो

जो

सुख की

अनुभूति

करता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract