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Anita Koiri

Abstract

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Anita Koiri

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अग्निफेरा

अग्निफेरा

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अग्निफेरा ना चाहिए अभी

अभी तो और देखनी है दुनिया

अभी तो और सजाना है सपनों की दुनिया

चढ़ना है हिमालय पर्वत पर

डुबकी लगानी है समुद्र की गहराई में

उड़ना है चिड़िया बन कर चहूंओर

रूकना नहीं है कभी भी किसी के दबाव में

अग्निफेरा कर अग्निपथ मुझे नहीं झेलना

झुलस जाता है इसमें जिंदगी का आईना

जिंदगी को मेरे न बर्बाद करो इतना

मेरी आंखों से मुझे देखने दो सपना

अग्निफेरा अग्नि समान चाहता

समाज डालना बेड़ियां पांव में

न आएंगे हम इस सोहबत में ।


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