अधूरे वादे
अधूरे वादे
वादे तो हमने भी किये थे
उम्र भर साथ निभाने के
और वो तैयारी में थी मेरी
मोहब्बत मिट्टी की तरह
जड़ से मिटाने में।।
इस दिल में कितना प्यार था
वो जान लेती तो क्या बात होती।
हमने भी माँगा था ख़ुदा से उन्हे
वो भी माँग
लेती तो क्या बात होती ।।
आरजू वो नहीं की वो मुझे भूल पाएगी
ग़म तो इस बात का है की
वक्त आने पर, वो मुझे देखकर
अपनी नजर झुका लेगी।।

