STORYMIRROR

Sunil Maheshwari

Inspirational

4  

Sunil Maheshwari

Inspirational

अडिग हौसला

अडिग हौसला

1 min
325

थोड़ा सा धैर्य रखा यारो,

और थोड़ा सा विश्वास,

माना परिस्थिति थी कठिन

पर मन में थी गहरी आस,

वो आस मैंने टूटने नहीं दी,

ना ही खुद को कमजोर बनाया।


हर एक को चुनौती मानकर 

मैंने अपना पूरा किया संकल्प

पता था कब तक टिकेगी

ये परेशानी सामने मेरे,

क्योंकि थे अडिग डटे हौसले जो मेरे,


बस परेशानियां भी 

डरने लगी यारो,

आगे बढ़ने की राह देने लगी,

खुद ब खुद रास्ता बनता 

चला गया,


कारवां बनता चला गया,

और परिस्थिति भी फिर

हाथ जोड़ने लगी।


हौसला अपनी जेब में रखकर

सफर तय किया,

इम्तिहान कितना भी कठिन था,

पास कर ही लिया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational