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Hemant Yadav

Abstract

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Hemant Yadav

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आता है बसंत

आता है बसंत

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आता है बसंत

खुशियां लाता है बसंत

खेत खलिहान ओर बगिया को


महकाता बसंत

सर्दी की सिहरन को

दूर भगाता है बसंत

आसमां में छा जाती है


पक्षियों की चहचहाहट

सब मिल गीत गाओ नाचों

आया है बसंत।


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